SIR Phase-3 Announcement: देशभर में वोटर लिस्ट सुधार अभियान तेज

चुनाव आयोग ने गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी। इस चरण में हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली और मणिपुर समेत 19 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा। आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में SIR का काम पूरा हो जाएगा। इन तीन क्षेत्रों में मौसम और जनगणना संबंधी कारणों से कार्यक्रम बाद में जारी होगा।

चुनाव आयोग ने बताया कि तीसरे चरण के लिए लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए जाएंगे। दिल्ली में इस प्रक्रिया के बाद अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी।

आयोग ने 24 जून 2025 को देशभर में SIR कराने का निर्देश दिया था। पहले दो चरणों में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है। पहले चरण की शुरुआत बिहार से हुई थी, जबकि दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया।

SIR क्या है?

यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के नए लोगों को वोटर लिस्ट में जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है।

SIR के तहत BLO और BLA घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाते हैं, मृत या स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं और वोटर लिस्ट में मौजूद त्रुटियों को सुधारा जाता है।

SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य?

आधार कार्ड

पेंशनर पहचान पत्र

किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र

जन्म प्रमाणपत्र

पासपोर्ट

10वीं की मार्कशीट

स्थायी निवास प्रमाणपत्र

वन अधिकार प्रमाणपत्र

जाति प्रमाणपत्र

राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम

परिवार रजिस्टर में नाम

जमीन या मकान आवंटन पत्र

चुनाव आयोग का कहना है कि पिछले 21 वर्षों में मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत महसूस हुई है। SIR का मुख्य उद्देश्य डुप्लीकेट नाम हटाना, मृत मतदाताओं के रिकॉर्ड अपडेट करना और सभी पात्र नागरिकों को वोटर लिस्ट में शामिल करना है।

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