Baal aadhar kaise banaye
आज के समय में Aadhaar Card एक बेहद महत्वपूर्ण पहचान पत्र बन चुका है। बैंक अकाउंट खुलवाने से लेकर पासपोर्ट, स्कूल एडमिशन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक, आधार कार्ड की जरूरत लगभग हर जगह पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने बच्चों के लिए भी आधार कार्ड बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई है।
बच्चों के लिए जारी किए जाने वाले आधार कार्ड को “बाल आधार कार्ड” कहा जाता है, जो नीले रंग का होता है। खास बात यह है कि नवजात शिशु का भी आधार कार्ड बनवाया जा सकता है। हालांकि, उम्र के अनुसार इसमें कुछ प्रक्रियाएं और नियम अलग-अलग होते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।
बाल आधार कार्ड क्या है?
बाल आधार कार्ड बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला एक पहचान पत्र है। यह सामान्य आधार कार्ड की तरह ही मान्य होता है, लेकिन इसका रंग नीला होता है और इसमें बायोमेट्रिक जानकारी सीमित या बाद में अपडेट की जाती है।
इस कार्ड में बच्चे का आधार उसके माता-पिता के आधार से लिंक किया जाता है। साथ ही, माता या पिता का मोबाइल नंबर भी इसमें रजिस्टर्ड होता है, जिससे भविष्य में अपडेट और सत्यापन आसानी से हो सके।
बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए कुछ बेसिक डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता होती है:
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- माता या पिता का आधार कार्ड
- माता या पिता का मोबाइल नंबर
यदि बच्चे के पास खुद का कोई वैध पहचान पत्र नहीं है, तो माता-पिता का आधार ही पहचान और पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नियम
अगर बच्चे की उम्र 5 साल से कम है, तो उसके आधार कार्ड के लिए बायोमेट्रिक जानकारी (फिंगरप्रिंट और आंखों का स्कैन) नहीं ली जाती। इस स्थिति में केवल फोटो और बेसिक डिटेल्स के आधार पर आधार कार्ड जारी किया जाता है।
लेकिन ध्यान रखें कि जब बच्चा 5 साल का हो जाए, तो उसका बायोमेट्रिक अपडेट करवाना अनिवार्य होता है।
5 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए प्रक्रिया
यदि बच्चे की उम्र 5 साल से अधिक है, तो आधार कार्ड बनवाते समय बायोमेट्रिक डेटा लिया जाता है। इसके लिए आपको निम्न डॉक्यूमेंट्स देने होंगे:
- जन्म तिथि का प्रमाण
- माता-पिता से संबंध का प्रमाण
- माता या पिता का आधार कार्ड
इस दौरान बच्चे के फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग की जाती है। इसके अलावा, 15 साल की उम्र पूरी होने पर एक बार फिर बायोमेट्रिक अपडेट करवाना जरूरी होता है।
Baal aadhar kaise banaye
आधार कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें
बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत आसान है। आप निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- सबसे पहले नजदीकी आधार सेवा केंद्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं।
- वहां से आधार एनरोलमेंट फॉर्म प्राप्त करें और उसे भरें।
- फॉर्म में बच्चे की सभी जरूरी जानकारी दर्ज करें।
- अगर बच्चे के पास वैध डॉक्यूमेंट नहीं है, तो माता-पिता का आधार नंबर दर्ज करें।
- सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें।
- 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड लिया जाएगा।
- आवेदन पूरा होने के बाद आपको एक एनरोलमेंट स्लिप दी जाएगी।
बायोमेट्रिक प्रक्रिया क्या होती है?
बायोमेट्रिक प्रक्रिया में बच्चे की पहचान को डिजिटल रूप में रिकॉर्ड किया जाता है। इसमें शामिल हैं:
- हाथ की 10 उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट)
- आंखों की स्कैनिंग (आईरिस स्कैन)
- फोटो कैप्चर
यह प्रक्रिया 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए अनिवार्य होती है।
आधार कार्ड कब तक मिलता है?
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आमतौर पर 90 दिनों के भीतर आधार कार्ड को आपके घर के पते पर भेज दिया जाता है। इसके अलावा, आप ऑनलाइन भी आधार कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
निष्कर्ष
बच्चों का आधार कार्ड बनवाना एक जरूरी प्रक्रिया है, जो भविष्य में कई सरकारी और निजी कामों में काम आता है। UIDAI द्वारा दी गई सुविधाओं के कारण अब यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। अगर आप अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो जरूरी दस्तावेजों को तैयार रखें और समय पर आवेदन करें, ताकि आगे किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।