Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की ओर से 28 सितंबर 2026 को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टर), पंचायत को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों में पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए उपयोग होने वाली EVM मशीनों की रेंडमाइजेशन, रिजर्व मशीनों की व्यवस्था, प्रशिक्षण तथा मतदान के बाद मशीनों के संग्रहण को लेकर प्रक्रिया बताई गई है।
आयोग के अनुसार पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों का निर्वाचन ईवीएम के माध्यम से विभिन्न चरणों में कराया जाएगा। सभी चरणों की मतगणना एक ही दिन कराकर परिणाम घोषित किए जाने की बात निर्देश में कही गई है।
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में EVM को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार पंचायत चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की रेंडमाइजेशन और प्रशिक्षण के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसका उद्देश्य मतदान के लिए मशीनों की उचित व्यवस्था और पारदर्शी तरीके से उनका आवंटन करना है।
1. मशीनों का भंडारण और FLC
निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले की पंचायत राज संस्थाओं में जिन मॉडल की मशीनों से चुनाव कराया जाना है, उनकी उपलब्धता के अनुसार मशीनों को जिला स्तर के स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।
आम चुनाव में प्रयुक्त होने वाली सभी मशीनों की FLC (First Level Checking) प्रक्रिया पूरी की जाएगी। FLC के बाद सभी FLC-OK मशीनों की जिला स्तर पर स्ट्रांग रूम में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रेंडमाइजेशन की जाएगी।
2. मतदान मशीनों के प्रशिक्षण के लिए 5 प्रतिशत मशीनों का चयन
निर्वाचन आयोग ने प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध FLC-OK मशीनों में से 5 प्रतिशत मशीनों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
इन मशीनों को प्रशिक्षण के लिए रेंडमाइजेशन करके अलग किया जाएगा। आयोग के निर्देश के अनुसार eSuchi सॉफ्टवेयर के माध्यम से चयनित 5 प्रतिशत मशीनों से मतदान के सभी चरणों के लिए जिला स्तर पर मतदान दलों को प्रथम एवं द्वितीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया से मतदान कर्मियों को वास्तविक चुनाव प्रक्रिया से पहले EVM के संचालन और चुनाव संबंधी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
3. नाम निर्देशन प्रक्रिया एक साथ होगी
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश में पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए सभी चरणों की नाम निर्देशन प्रक्रिया एक साथ संपादित किए जाने की बात कही गई है।
संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा:
- जिला परिषद सदस्यों के लिए नाम निर्देशन प्रक्रिया जिला स्तर पर कराई जाएगी।
- पंचायत समिति सदस्यों के लिए नाम निर्देशन प्रक्रिया पंचायत समिति स्तर पर कराई जाएगी।
इस प्रकार नाम निर्देशन की प्रक्रिया को संबंधित निर्वाचन स्तर पर निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।
4. प्रथम रेंडमाइजेशन और दूसरे चरण के लिए EVM आवंटन
आयोग के निर्देश के अनुसार प्रथम रेंडमाइजेशन का कार्य eSuchi सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिला स्तर पर किया जाएगा।
जिन पंचायत समितियों में मतदान प्रथम एवं द्वितीय चरण में होना है, उनके लिए उपयोग में आने वाली मशीनों का प्रथम रेंडमाइजेशन मतदान की तारीख से 5 से 7 दिन पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रथम रेंडमाइजेशन के दौरान मतदान केंद्रों की आवश्यकता के अनुसार मशीनों का आवंटन किया जाएगा।
निर्देश के अनुसार:
- मतदान केंद्रों की संख्या के 130 प्रतिशत मशीनें प्रथम चरण के मतदान के लिए आवंटित की जाएंगी।
- 130 प्रतिशत मशीनें द्वितीय चरण के मतदान के लिए संबंधित पंचायत समिति को आवंटित की जाएंगी।
- इस व्यवस्था के तहत पंचायत समिति स्तर पर 30 प्रतिशत मशीनें आरक्षित (Reserve) मशीनों के रूप में उपलब्ध रहेंगी।
- प्रथम रेंडमाइजेशन के बाद मशीनों को जिला स्तर के स्ट्रांग रूम से निकालकर संबंधित पंचायत समिति के अनुसार रखा जाएगा।
EVM की 30 प्रतिशत रिजर्व व्यवस्था
आयोग के निर्देशों में मशीनों की रिजर्व व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया है। पंचायत समिति स्तर पर मतदान के लिए आवंटित मशीनों के अतिरिक्त 30 प्रतिशत मशीनें रिजर्व के रूप में उपलब्ध रखने की व्यवस्था बताई गई है।
इसका उद्देश्य मतदान के दौरान किसी मशीन में तकनीकी समस्या आने पर आवश्यकता के अनुसार रिजर्व मशीन का उपयोग किया जा सके।
मतदान के बाद EVM का क्या होगा?
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद EVM मशीनों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया जाएगा। इसके लिए स्ट्रांग रूम और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: मुख्य बातें
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| चुनाव | राजस्थान पंचायत राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 |
| संबंधित पद | पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य |
| मतदान | EVM के माध्यम से |
| नाम निर्देशन | सभी चरणों के लिए एक साथ |
| EVM की FLC | जिला स्तर पर |
| प्रशिक्षण मशीनें | FLC-OK मशीनों में से 5 प्रतिशत |
| प्रशिक्षण | प्रथम एवं द्वितीय प्रशिक्षण |
| सॉफ्टवेयर | eSuchi |
| प्रथम रेंडमाइजेशन | मतदान से 5–7 दिन पहले |
| मशीन आवंटन | 130 प्रतिशत |
| रिजर्व मशीन | 30 प्रतिशत |
| मतदान के बाद | निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संग्रहण |
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज
राज्य निर्वाचन आयोग के इस निर्देश से स्पष्ट है कि राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। EVM की FLC, रेंडमाइजेशन, प्रशिक्षण और रिजर्व मशीनों की व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ध्यान दें: ऊपर दी गई जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा 28 सितंबर 2026 को जारी निर्देश में उपलब्ध विवरण के आधार पर है। पंचायत चुनाव की अंतिम तिथियां, मतदान कार्यक्रम और अन्य आधिकारिक जानकारी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना को ही मान्य माना जाना चाहिए।
FAQ – Rajasthan Panchayat Election 2026
Q1. राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में मतदान किस माध्यम से होगा?
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य का चुनाव EVM के माध्यम से कराया जाएगा।
Q2. EVM की FLC क्या होती है?
FLC यानी First Level Checking, जिसमें चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली EVM मशीनों की निर्धारित स्तर पर जांच की जाती है।
Q3. प्रशिक्षण के लिए कितनी EVM मशीनों का उपयोग किया जाएगा?
निर्देश के अनुसार उपलब्ध FLC-OK मशीनों में से 5 प्रतिशत मशीनों का उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा।
Q4. EVM का प्रथम रेंडमाइजेशन कब होगा?
निर्देश के अनुसार प्रथम एवं द्वितीय चरण के मतदान में उपयोग होने वाली मशीनों का प्रथम रेंडमाइजेशन मतदान की तारीख से 5 से 7 दिन पहले किया जाएगा।
Q5. कितनी मशीनें रिजर्व रखी जाएंगी?
निर्देश में पंचायत समिति स्तर पर 30 प्रतिशत मशीनों को रिजर्व के रूप में उपलब्ध रखने की व्यवस्था बताई गई है।
Q6. राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 की आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
चुनाव की तारीख, अधिसूचना, मतदाता सूची और अन्य जानकारी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की आधिकारिक सूचनाओं को देखें।
