रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में जल्द ही बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार ने आयोग के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए कार्मिक विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के पास भेज दिया है। माना जा रहा है कि 25 अगस्त 2026 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।
दरअसल, JPSC के अध्यक्ष और तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद आयोग में महत्वपूर्ण पद खाली हो गए हैं। इससे आयोग के कामकाज और आगामी परीक्षाओं की तैयारियों पर असर पड़ने की संभावना है। सरकार अब जल्द नियुक्तियां कर आयोग को पूरी तरह सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
25 अगस्त की कैबिनेट बैठक में हो सकती है चर्चा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, JPSC के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। हालांकि, अभी आयोग के नए अध्यक्ष और सदस्यों के नामों को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य आयोग में रिक्त पदों को जल्द भरना बताया जा रहा है।
JPSC अध्यक्ष के लिए इन अधिकारियों के नाम पर चर्चा
JPSC के अध्यक्ष पद के लिए सेवानिवृत्त IAS और IPS अधिकारियों के नामों पर विचार किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, सदस्य पदों के लिए शिक्षाविदों और प्रशासनिक क्षेत्र में अनुभव रखने वाले लोगों को जिम्मेदारी देने की संभावना जताई जा रही है।
यदि संभावित नामों पर सहमति नहीं बनती है, तो सरकार अन्य योग्य उम्मीदवारों के नामों पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, नियुक्तियों को लेकर अंतिम निर्णय आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
आगामी परीक्षाओं को लेकर सरकार की चिंता
JPSC को आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं और भर्ती प्रक्रियाएं आयोजित करनी हैं। आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने के कारण इन प्रक्रियाओं के संचालन पर असर पड़ सकता है।
इसी वजह से सरकार जल्द से जल्द आयोग में आवश्यक नियुक्तियां करने की तैयारी में है, ताकि exam process, recruitment और administrative work समय पर पूरा किया जा सके।
कर्मचारियों के तबादले पर भी हो सकता है फैसला
JPSC के पुनर्गठन के साथ आयोग में लंबे समय से कार्यरत कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के transfer पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर बदलाव के जरिए आयोग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की कोशिश की जा सकती है।
यदि पुनर्गठन के साथ कर्मचारियों के तबादले भी किए जाते हैं, तो आयोग के कामकाज में नई व्यवस्था लागू होने की संभावना है।
JPSC को फिर से पूरी क्षमता से सक्रिय करने की तैयारी
झारखंड सरकार का मुख्य लक्ष्य JPSC में रिक्त पदों को भरकर आयोग को पूरी capacity के साथ सक्रिय करना है। इससे आगामी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर आयोजित कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अब सबकी नजर 25 अगस्त 2026 की झारखंड कैबिनेट बैठक पर है। बैठक में JPSC के पुनर्गठन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
महत्वपूर्ण: JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित अंतिम जानकारी सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी। फिलहाल सामने आई जानकारी प्रस्ताव और संभावित फैसले पर आधारित है।
