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राजस्थान सरकार का नया आदेश: अब सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगी एडवांस सैलरी/पेंशन की सुविधा

राजस्थान सरकार के वित्त विभाग (Financial Rules Division) ने 22 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है। इस आदेश के तहत राज्य के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स अब अपनी भविष्य की सैलरी या पेंशन के आधार पर एडवांस राशि (Advance) प्राप्त कर सकेंगे।

यह सुविधा RBI के डिजिटल लेंडिंग नियमों के अनुसार बैंकों और NBFC जैसी अधिकृत वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना की मुख्य बातें

  • सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को एडवांस राशि लेने की सुविधा मिलेगी।
  • अधिकतम 24 माह (2 वर्ष) की सैलरी/पेंशन के आधार पर एडवांस लिया जा सकेगा।
  • एक बार में अधिकतम नेट सैलरी/पेंशन का 50% तक एडवांस मिल सकेगा।
  • पूरी प्रक्रिया IFMS 3.0 मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल होगी।
  • कर्मचारी एक समय में दो से अधिक एडवांस नहीं ले सकेंगे।

EMI कैसे कटेगी?

  • एडवांस राशि की वसूली आने वाले महीनों की EMI के रूप में होगी।
  • यदि एडवांस महीने की 21 तारीख के बाद लिया जाता है, तो EMI अगले महीने की सैलरी से शुरू होगी।
  • सैलरी स्लिप में EMI की जानकारी दिखाई जाएगी।

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ब्याज और शुल्क

  • ब्याज दर और अन्य शुल्क आवेदन से पहले स्पष्ट रूप से बताए जाएंगे।
  • अधिकतम ब्याज दर 24% APR (Annual Percentage Rate) से अधिक नहीं होगी।
  • सभी शुल्क RBI के Key Fact Statement (KFS) के अनुसार होंगे।
  • एडवांस को समय से पहले चुकाने (Foreclosure) पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

डिफॉल्ट होने पर क्या होगा?

यदि कर्मचारी या पेंशनर समय पर EMI जमा नहीं करता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उधार लेने वाले व्यक्ति की होगी।

  • राज्य सरकार, RFSDL या IFMS किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता या जिम्मेदारी नहीं लेगा।
  • ऋण संबंधी सभी शर्तें उधारकर्ता और वित्तीय संस्था के बीच लागू होंगी।

24 माह की विशेष सुविधा

24 माह की योजना में आवश्यकता होने पर पुनर्भुगतान अवधि को 36 माह तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन एडवांस राशि 24 माह की सैलरी/पेंशन के 50% से अधिक नहीं होगी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • आवेदन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगा।
  • बैंक/NBFC के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
  • ब्याज दर और शुल्क पहले से बताए जाएंगे।
  • समय से पहले लोन चुकाने पर कोई चार्ज नहीं।
  • EMI की जानकारी सैलरी स्लिप और LPC में दर्ज होगी।

निष्कर्ष

राजस्थान सरकार की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को अचानक आने वाली आर्थिक जरूरतों के समय आसानी से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। यह सुविधा पूरी तरह डिजिटल होगी और RBI के नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी। हालांकि, एडवांस लेने से पहले ब्याज दर, EMI और अन्य शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ना आवश्यक है।

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Ns Guruji

Narayan Singh Malawat is the Founder and Editor of NS Guruji. He writes about Government Jobs, Sarkari Yojana, Results, Education, Blogging, Online Earning, Finance, and Technology. His goal is to provide accurate, reliable, and easy-to-understand information to readers across India.